स्वाईन फ्लू क्या है

ध्यानाकर्षण : एक नई विंडो में खुला है मुद्रणE-mail

H1N1 विषाणु (जिसे स्वाईन फ्लू विषाणु के नाम से भी जाना जाता है), एक नया इन्फ्लूएंजा विषाणु है जो लोगों में बीमारी फैला रहा है. यह विषाणु अप्रैल २००९ में संयुक्त राज्य अमेरिका के लोगों में पाया गया था.यह विषाणु एक व्यक्ति से दुसरे व्यक्ति में ठीक उसी तरह फैलता है जिस तरह सामान्य मौसमी फ्लू विषाणु फैलता है. ११ जून २००९ को विश्व स्वास्थ्य संगठन(WHO) नें संकेत दिया था कि H1N1 स्वाईन फ्लू एक महामारी में तब्दील हो चुका है.इस विषाणु को स्वाईन फ्लू विषाणु का नाम इसलिए दिया गया क्योंकि प्राथमिक प्रयोगशाला परीक्षणों से पता चला था कि इस नए विषाणु की संरचना स्वाईन (सूअरों) में पाए जाने वाले इन्फ़्लुएन्ज़ा विषाणु से काफी मिलती जुलती है. इसके विपरीत उन्नत अध्ययन नें दिखा दिया है कि इस नए विषाणु की संरचना सूअरों में पाए जाने वाले विषाणु से काफी अलग है.

SwineFluMicroscopicView


H1N1 विषाणु संक्रामक है और इस विषाणु से दुनिया के कई भागों में लोग संक्रमित हो चुके हैं. ज्यादातर लोग जो इस नए विषाणु से संक्रमित हुए हैं, वे बिना किसी चिकित्सा उपचार की आवश्यकता के स्वस्थ्य हो चुके हैं.

स्वाईन इन्फ्लुएंजा विषाणु कई प्रकार के होते हैं और स्वाईन फ्लू इन प्रकारों में से किसी भी एक के कारण हो सकता है.

स्वाईन इन्फ्लुएंजा विषाणु के कई प्रकार हैं जैसे...
1. विषाणु प्रकार C
2. विषाणु प्रकार A (जिसके कई उप-प्रकार हैं जैसे)

  • H1N1
  • H1N2
  • H3N1
  • H3N2
  • H2N3